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Let's Walk Like a Mystic

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The death of Ego/block-2

The Journey Begins

Thursday, January 13

 The beautiful experiences of traveling barefoot created beautiful notes -WOW


When did the journey begin, When will we believe that our journey has started. Since When did I start this journey, this question kept haunting me in the moment. The deeper my existence went on getting deeper in the moment, the deeper and bigger the moment kept on coming. When I saw the moment becoming an Era in the depths of the moment, I came to know Which was the first moment of the beginning of my journey and Which is Which! So now the journey begins for that moment

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 यात्रा कब शुरू हुई,  हम कब मानेगे कि हमारी यात्रा का आरंभ हो गया।  मैंने कब से यह यात्रा करनी शुरू की, यह सवाल मेरे को पल में खड़ा करता चला गया। जितना गहरे पल में मेरा अस्तित्व गहरा होता चला गया उतना ही गहरा और बड़ा पल का आकर होता चला गया।  पल की गहराई में पल को ही युग बनते देखा तो मैं जान गई कि मेरी यात्रा की शुरूआत का पहला पल कौन सा था  और कौन सा है! तो अब यात्रा शुरू होती है उस पल की 















नंगे पैरों की यात्रा के सुंदर अनुभवों ने सुंदर सुरों को पैदा कर दिया -वाओ 

Small Question: Big Steps

Thursday, January 6

Small Questions: Big Steps



No living being is completely unconscious, when I experienced this, my small questions became my small steps and became my guide.
  •  When I recognized the silent laughter of nature, I settled in nature itself.
  • Kudrat is not only a great doctor, it is a religious book.
  • All the beauty around me is a natural way of purifying my ugliness.
  • I have lost or found myself, this question was understood to me that I have become a nature.
  • As I left a better life behind, I now have an even more beautiful life ahead of me.
  • When we come to see the nature right and deep, then our living becomes an art.
  • I recognized this today that nature is my home and the world is my discovery.
  • The world is a hospice for growing up, not for living.
  • To exist is not to live.
  • Nature speaks with patience, you have to learn patience if you want to listen to nature.
  •  All our lives are wonderful and miracles
  • There are no shortcuts and no detours to a place worth visiting.
  • Always take the beautiful route.
  • To find out 'who am I', I must go on a quest.
  • Nature is not only the most beautiful art, it is also a design.
  • Every aspect is capable of choosing only one thing in life, that is nature.
  • Walk on earth like you walk in a religious place.
  • Sometimes it only takes one break to set life right.
  • Let's find some beautiful places to get lost in.
  • This life is a romance as well as a discovery.
  • It's a deep existence... Let's explore!

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छोटे सवाल बड़े कदम 


कोई भी जीव पूर्ण रूप में बेहोश नहीं होता, जब मैंने यह अनुभव किया तो मेरे छोटे छोटे सवाल छोटा सा जवाब बन कर मेरे मार्ग-दर्शक बन गए

  • जब मैंने कुदरत की मौन हंसी को पहचाना तो मैं कुदरत में ही बस गई।   
  • कुदरत महान वैद्य ही नहीं,एक धार्मिक किताब है। 
  • मेरे आसपास की सुंदरता  सब मेरी करूपता को शुद्ध करने की कुदरती विधि है।
  • मैंने खुद को खोया है या पाया है ,यह सवाल मेरा मेरे को समझा गया कि मैं एक कुदरत हो चुक्की हूँ। 
  • जैसे जैसे मैंने पीछे बेहतर जीवन को छोड़ा,अब आगे मेरे उस से भी सुंदर जीवन खड़ा है। 
  • जब हम को कुदरत को सही और गहरा देखना आ जाता है तो हमारा जीना कला बन जाता है। 
  • मैंने यह आज ही पहचाना कि कुदरत मेरा घर  है और संसार मेरी खोज है। 
  • संसार जीने की नहीं बड़ा होने की धर्मशाला है।
  • अस्तित्व में रहना नहीं जीना है। 
  • कुदरत सब्र से बोलती है,आप को सब्र सीखना पड़ेगा अगर कुदरत को सुनना है। 
  •  हमारा तमाम जीवन अद्भुत और चमत्कार है   
  • जाने के योग्य किसी स्थान के लिए कोई शॉर्टकट्स नहीं होते और ना ही डेटोर्स होतें हैं ।
  • हमेशा सुंदर मार्ग अपनाएं।
  • 'मैं कौन हूँ',यह पता लगाने के लिए मुझे खोज पर जाना ही पड़ेगा। 
  • कुदरत सब से सुंदर कला ही नहीं, एक डिजायन भी है। 
  • हर पख से जीवन में एक ही चीज़ चुनने के काबिल है,वो है कुदरत।  
  • धरती पर ऐसे ही चलो,जैसे धार्मिक जगह पर चलते हो। 
  • जीवन को सही करने के लिए कभी कभी सिर्फ एक ही ब्रेक की ज़रुरत होती है। 
  • आइए खो जाने के लिए कुछ खूबसूरत जगह खोजें।
  • यह जीवन एक रोमांस भी है और एक खोज भी। 
  • यह एक गहरा अस्तित्व है... चलो एक्सप्लोर करें!

A Deep Death

 The progressive Path never Ends



How the experience of 'I and Time' is one, Which gives me only a deep Death - my experience that takes me beyond Time.

If we go in search of time, we will never find time, just like when we go in search of ourselves, we will never be able to find ourselves.

What should be done then?

What should happen then?

The state of sleep is known by our waking up, in the same way the time is known by 'across the time'. In the same way, the self is known only after crossing itself.

It is our idea that time is past, future is – time is a practical tool. When our thoughts or feelings come into us, then we feel that we are walking; We feel that we have started progressing; If we meditate today then we will become enlightened. Nothing like this should ever happen. If you look carefully you will know that we are only the present, and the present is now and here. If we want to find ourselves, we have to stay in the present. If we cannot stay, then we are material, matter is always going to change. It is this change that makes us feel pain.

When we question time, What is it?

If I want to know what my true form is, do I need time?

To know this you don't need time, you just need to let go of time.

 The real you is that which is ever-present and unchanging.

One who experiences, yet cannot be experienced.

 We say that there is no time like the present.

 But experience says that there is no time, only presence.

 We are not the one who comes and goes. We are the one who knows the coming and going of all things. We are the one in whom everything is born and with whom everything is made. And who knows this?

One Who is beyond Time.

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 प्रगतिशील पथ कभी समाप्त नहीं होता



'मैं और वक़्त'  का अनुभव कैसे एक ही है, जो  मेरे को सिर्फ गहरी मौत ही देता है - 

मेरा अनुभव जो वक़्त के पार ले जाता है।

अगर हम वक़्त को ढूंढ़ने जायेगे तो हम को वक़्त कभी नहीं मिलेगा,ठीक वैसे ही जब हम खुद को ढूंढ़ने जाएंगे तो हम कभी भी खुद को ढूंढ नहीं पाएंगे।

फिर क्या करना चाहिए?

फिर क्या होना चाहिए?

सोने की स्थिति का पता हमारे जागने से मिलता है, ठीक वैसे ही वक़्त का पता 'वक़्त के पार' हो जाने से लगता है। ठीक वैसे ही खुद का पता, खुद से पार हो जाने के बाद ही लगता है।   

यह हमारा एक विचार है कि वक़्त है अतीत है, भविष्य है- वक़्त एक व्यावहारिक उपकरण है। जब हमारी सोच या भावना हमारे में आती है तो हम को लगता है कि हम चल रहें हैं ;हम को लगता है कि हमारी उन्नति होने लगी है ;आज हम ध्यान करतें हैं तो हम प्रबुद्ध हो जायेगें।  ऐसा कुछ भी कभी होना नहीं। सावधानी से देखेंगे तो पता चलेगा कि हम सिर्फ वर्तमान हैं, और वर्तमान अभी और यहीं हैं।  अगर हम ने खुद को पाना है तो हम को वर्तमान में ठहरना पड़ेगा। अगर हम ठहर नहीं सकते तो हम पदार्थी हैं, पदार्थ ने सदा परिवर्तन होना ही है।यह परिवर्तन होना ही हमारे को दर्द महसूस करवाता है।  

जब हम वक़्त के ऊपर सवाल करतें हैं तो वो क्या है?

अगर मैंने यह जानना है कि मेरा असली रूप क्या है तो क्या मेरे को वक़्त चाहिए ?

यह जान्ने के लिए वक़्त की ज़रुरत नहीं सिर्फ वक़्त को छोड़ देने की ज़रुरत है। 

 वास्तविक तुम वही हो जो सदा-वर्तमान और अपरिवर्तनीय है। 

जो अनुभव करता है, फिर भी अनुभव नहीं किया जा सकता है।

 हम कहते हैं कि वर्तमान जैसा वक़्त नहीं है।

 लेकिन अनुभव कहता है कि वक़्त नहीं है, केवल उपस्थिति है।

 हम वह नहीं हैं जो आता और जाता है। हम वह हैं जो सभी चीजों के आने और जाने को जानते हैं। हम वह हैं जिसमें सब कुछ उत्पन्न होता है और जिसके साथ सब कुछ बनता है। और यह कौन जानता है?

एक वो जो वक़्त के पार है। 


Quotes

Monday, January 3

  • Let's recognize the sound of Walking Steps from Today!  




  •  Have you ever spent time with wild things?
  • Life: just be life!
  • Recognize your beauty as you are!
  • Self-identification is the best scenic route!
  • A running thing can be seen only by stopping, whether it is water or life.
  • Are you looking at me or am I looking at you?
  • Can you believe that this can happen?
  • This beauty just wants to make me dance.
  • Happiness comes in waves and my lips begin to flutter.
  • I have always lived with beautiful scenery.
  • I wish you were there too.
  • Not every paradise is tropical.
  • I want to fly farther
  • Today the sky is too small for me
  • I am looking for more skies.
  • Nature is a natural way to clear the mind.
  • sunset and sunrise is my favorite color
  • Wouldn't want to experience this with someone else?
  • Nature's support will never let us get bored.
  • Wherever you go, go with ease.
  • I'm going to ride at sunset.
  • I love nature because it always makes me realize how small I and my thinking are.
  • Do you want to wander in life, I have a formula for wandering. 
  • The higher we climb, the better the view.
  • Let's go close to nature and settle down.
  • I like watching nature more than tv
  • We see the wonderful beauty of life, whenever we stop - be it of the body or of the mind.
  • In life, we need an ever-changing scene.


  • Awakening of feelings with the sound of walking steps and making living an Art, then How Art is molded into Words, Wow!
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चलो आज से चलते कदमों की आहट  को पहचाने !




  • क्या आप ने कभी जंगली चीज़ों के साथ वक़्त बिताया है?
  • ज़िंदगी: सिर्फ ज़िंदगी बन जाओ !
  • जैसे हो, वैसे ही आप अपनी सुंदरता को पहचानो!
  • खुद की पहचान ही सब से अच्छा scenic route  है !
  • भागती हुई चीज़ को रुक कर के ही देखा जा सकता है, चाहे वो पानी है या ज़िंदगी। 
  • क्या आप मुझ को देख रहे हो या मैं आप को। 
  • क्या आप भरोसा कर सकते हो कि ऐसा भी हो सकता है।
  • यह सुंदरता सिर्फ मुझ को नचाना चाहती है। 
  • ख़ुशी लहरों में आती है और मेरे होंठों की फड़फड़ाहट शुरू हो जाती है।   
  • मैंने सदा सुंदर दृश्य के साथ ही जीना है। 
  • काश,आप भी वहां होते। 
  • हर स्वर्ग ट्रॉपिकल  नहीं होता। 
  • मैं और भी दूर तक उड़ना चाहती हूँ 
  • आज मेरे लिए यह आसमान भी छोटा हो गया है
  • मैं और भी आसमान की तलाश में हूँ। 
  • कुदरत मन को साफ़ करने की कुदरती विधि है। 
  • सूर्यास्त और सूर्यादय  मेरा पसंदीदा रंग है
  • क्या किसी ओर के साथ इसका अनुभव नहीं करना चाहेंगे?
  • कुदरत का साथ कभी हम को ऊबने नहीं देगी। 
  • कहीं भी जाएँ, सहज मन के साथ जाएँ।  
  • मैं सूर्यास्त पे सवारी करने जा रहा हूं।
  • मुझे कुदरत से इस लिए प्यार है क्योंकि यह मेरे को सदा एहसास दिलाती है कि मैं और मेरी सोच कितनी छोटी है।
  • क्या आप जीवन में भटकना चाहते हो, मेरे पास भटकने का फार्मूला है। 
  • हम जितना ऊंचा चढ़ेंगे, दृश्य उतना ही बेहतर होगा।
  • चलो कुदरत के नज़दीक जा कर के बसें। 
  • मुझे टीवी से ज़्यादा कुदरत को देखना पसंद है
  • हम को जीवन की अद्भुत सुंदरता तब दिखाई देती है, जब भी हम रुकते हैं -रुकना चाहे शरीर का हो या मन का 
  • जीवन में हम को सदा बदलते दृश्य ही चाहिए।  
चलते कदमों की आहट के साथ एहसासों का जागना और जीने को कला बनाते जाना, फिर कला कैसे लफ़्ज़ों में ढलती है, वाओ!

Signs of the Beautiful Path

Wednesday, December 22

 Signs of the Beautiful Path






I remember not only that Day, but also that Time;
  I remember not only that Incident but also the Situation;
I remember not only that Moment, but also the Step;
When I had given this decision to my Own life that - 'I am not because of you, you are all because of me' - From that Moment everything in life considers me to be the Master.


When I listened carefully to the sound of footsteps while walking, the rhythmicity of each step made my living an art.


































Amazing Nature

Amazing Nature
When following the Trail of Colorful Emotions and Beautiful Divine Connection, Then Life blossoms, Love begins to flow because True and Pure feeling is the living land of Love and a more beautiful abode to live in the Heart during the JOURNEY OF LOVE Creating is a priceless feeling. But in Those moments there are some of the most amazing Moments too, Which become functional to see Life in full Bloom with Divine Connection and Divine Action like SPRING. When Our Thoughts also Blossom in our Life. It is these Moments that make us Aware and make OUR life an ART OF JOY...