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My Profession is to always find God in Nature

My Profession is to always find God in Nature
What I knew was that the silence blossomed the heart. When the heart blossomed, there was a feeling of love. The romance started with me. When my romantic-mind took all my stress from me all the time, I could not know. I who I am, I am unknown, today I remembered Buddha in unknown happiness

The beauty of life is very tasty - Question 3

Today we will talk about our third question.
Question is:
If you get a chance to fulfill your dream, do you have all those qualities that are needed to succeed?
Whatever we want or dream we have, it is in our existence, it is very good proof that we can fulfill our dream.
Now I talk, I want to I have always wanted to take the world into a hug, to love, I only have a relationship with everyone that I love everyone.
Now I have to think that how much I am conscious of my wish, how much I am ascendant, what is the way of fulfilling this wish in me, what is the way? I will not talk about quality here, I have given the answer to that. A person is as one wishes. We have always heard that 
'Fruit like the seed'
Condition and situation always present each other. Exactly this wish, Aim or Goal presents the person. Whether you wish or purpose: a person gets a lot of recognition from this.
I have wanted this since childhood. The path is long, because the wish is too big.
Anything long and anything big; Both are the same thing. If I want the sky, then how much time do I need to go to the sky? Just like: time + space + speed is the same thing - similarly long and big is the same.
 It is not that I have to marry or I want to earn money and buy a good house. If the wish is like the sky, then the path will be too long to reach the sky.
The question here is, am I going skyward in my daily life or not?
If I am going, I am still successful today.
If every day my step is going towards success, then my step is successful. If today the little move is being successful, so when it reached the destination, it was a complete success.
If my step is to be happy for me everyday then it means that I am on the right path.
Our positive behavior is a sign of our being right.
 Our hopes are our wings and our trust becomes life in those wings. 
When our foot falls somewhere in the path, then there is no perception of wrong in our heart, our behavior also works positive for the slipping condition. Our success is never negative for us. Or say that if our behavior is positive then it means that
 the destination also waits.
Second, we will always see that everyday ancients  are deepening our understanding and feeling. Which means that in life, it gives us all the education that we need.
 What does destination mean?
Like I want that all the world is mine and I have to hug everyone.
What's in the destination? What does destination mean to me?
I have to be able to hug everyone.
Now how do I qualify, who will decide this?
That is what I want - it exists.
Wish is not of the mind, but of my existence.
 Whatever our Wish or Aim is, it is part of existence.
 Our desire is part of the mind.
Our existence always fulfills the purpose and our mind always fulfills our desire.
Life is completely wise and beautiful. When we leave everything on life, when we see life how it is living, we will not get any more miraculous secrets than this.
Life looks at how the habit is - how is the our nature - what action is to be taken first - which path to follow - because at the same time we also have to complete the account of all our new and old deeds. We will not get any better accountant than life.
 If our life is a sensible accountant, what is its balance sheet? On which life writes the flow of our actions? ( Karma)
We all know the balance sheet of life. The balance sheet of life is named Time.
Whom do we call time - also know? What is the definition of time? How was the time born? What do you call time in the spiritual realm? The beauty of life is very tasty.
(* NOTE - These questions will be answered in upcoming episodes)
Life has to move forward according to the progress and process of the person.
Like I want to hug the whole world. How will I do it? What is my feeling? Which one should be my style, which one should be my behavior, which one should be my action, which enhances my whole personality! I do not know this as much as my consciousness knows.
My passion is my representativeway.
 My life is making me capable of the world or say that my consciousness is making me capable or say that God is making me. Whatever they say is correct. If I find it appropriate to say that I have qualified myself for this position, then it is also fine. This sentence will also reveal our personality.
We get an opportunity, because we deserve it. We are falling because our mind begins to enter. As understanding grows, we become closer to our destination. Our wish is the proof of our success that we were capable of this opportunity and we will succeed.


आज हम बात करेंगे हमारे तीसरे सवाल की। 
सवाल है :
अगर आप को आप के सपने को पूरा करने का मौक़ा मिल जाए,क्या आप में वो सब  गुण मजूद हैं, जो सफल होने के लिए चाहिए ?
जो भी हमारी चाहना होती है या हमारा सपना होता है, वो हमारे वजूद में है, यह सबूत ही बहुत उत्तम है कि हम अपने सपने को पूरा कर सकतें हैं। 
अब मैं बात करती हूँ, अपनी चाहना की। सदा से ही मेरी चाहना रही है कि मैंने संसार को जफ़्फ़ी पानी है, प्यार करना है, मेरा सब के साथ सिर्फ यही सम्बन्ध है कि मेरे को सब से प्यार है। 
अब मैंने यह सोचना है कि मेरी इस चाहना के लिए मैं कितनी होशमंद हूँ, मेरे में कितनी लग्न है, मेरे पास इस चाहना को पूरा करना का  सामान क्या है, राह क्या है? यहाँ पर गुण की बात नहीं करूंगी, उस का जवाब मैंने पहलों ही दे  दिया है। जैसी चाहना होती है, वैसा ही व्यक्ति होता है। हम ने सदा सुना है कि 'जैसी नीत वैसी मुराद ' 
हालत और हालात  सदा एक दूसरे को पेश करतें हैं।  बिलकुल ऐसे ही चाहना व्यक्ति को पेश करती है। चाहना हो या गोल : इस से व्यक्ति की बहुत पहचान हो जाती है। 
मेरी यह चाहना बचपन से है। रास्ता लम्बा है, क्योंकि चाहना बहुत बड़ी है।  किसी भी चीज़ का लम्बा होना और किसी भी चीज़ का बड़ा होना ; दोनों एक ही बात है। अगर मेरी चाहना आसमान की है तो मेरे को आसमान तक जाने  केलिए कितना वक़्त चाहिए ? जैसे टाइम+स्पेस+ स्पीड एक ही चीज़ है - वैसे ही  लम्बा और बड़ा एक ही है।  ऐसे नहीं है कि मैंने शादी करनी है यह चाहना थी या मैंने पैसा कमाना है और अच्छा घर खरीदना है।  अगर चाहना आसमान जैसी है तो रास्ता भी तो आसमान तक पहूँचने के लिए लम्बा ही होगा। 
सवाल यहाँ पर यह है कि  क्या मैं अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी में आसमान की ओर जा रही हूँ कि नहीं ?
अगर जा रही हूँ, तो मैं आज भी सफल हूँ। 
अगर मेरा हर कदम मंज़िल की तरफ सफलता पूर्बिक जा रहा है  तो मेरा कदम सफल हुआ। आज कदम सफल हो रहा है तो जब मंज़िल पर पहूँच गई तो पूर्ण सफलता मिल गई। 
अगर हर रोज़ मेरी चाहना, मेरे लिए ख़ुशी ही बनती है तो मतलब यह है कि मैं सही राह पर ही हूँ। 
हमारा सकारत्मिक व्य्वहार  ही हमारे सही होने की निशानी होता है।  हमारी उमंग हमारे पंख होतें हैं  और हमारा भरोसा उन पंखों में जान बने होतें हैं। जब रास्तें में कहीं पर हमारा पाव  फिसलता है , तो हमारे दिल में गलत की धारणा  नहीं आती, फिसली हालत के लिए भी हमारा व्य्वहार पॉज़िटिव ही काम करता है। हमारी सफलता ही हम को कभी नेगेटिव नहीं।  या ऐसे कहो कि अगर हमारा व्य्वहार पॉज़िटिव रहा तो इस का यही मतलब है कि   मंज़िल भी इंतज़ार करती है। 
दूसरा हम सदा यह देखेंगे कि  हर रोज़ की घटनाएं हमारी समझ और भावना को गहरा करती जा रही है। जिस का मतलब यही है कि ज़िंदगी रास्तें में हम को वो सब शिक्षा देती है जो हम को होनी चाहिए। 
 मंज़िल का मतलब क्या है ?
जैसे मेरी चाहना है कि  सब संसार मेरा है और  मैंने सब को hug करनी है। 
मंज़िल इस में क्या है ? मंज़िल का मतलब मेरे लिए क्या है ?
मैंने इस काबिल होना है कि मैं सब को hug कर सकूं। 
अब मैं काबिल कैसे होती हूँ, यह फैंसला कौन करेगा ?
जो मेरी चाहना है -यह है वजूद की। 
चाहना मन की नहीं, मेरे वजूद की है।  हमारा कोई भी मक़सद हो या aim होता है, यह वजूद का हिस्सा होता है। हमारी desire  मन का हिस्सा होती है। 
हमारा वजूद सदा मकसद को पूरा करता है और हमारा मन सदा हमारी डिजायर पूरी करता है। 
ज़िंदगी पूरी wise  और पूरी सूंदर है। जब हम ज़िंदगी पर ही सब छोड़ देतें हैं तो ज़िंदगी को जब हम भी देखतें हैं कि यह कैसे जी रही है, इस से बड़ा चमत्कारी रहस्या ओर कहीं भी हम को नहीं मिलेगा। 
ज़िंदगी देखती है कि आदत कैसी है - सुभाव कैसा है - कौन सा एक्शन पहले करना है- कौन से मार्ग पर  चलना है -क्योंकि साथ ही साथ हमारे सब नये और पुराने कर्मों के बही-खाते को भी पूरा करना है। ज़िंदगी से अच्छा अकउंटेंट हम को कहीं नहीं मिलेगा। 
 अगर हमारी ज़िंदगी एक समझदार अकाउंटेंट है तो इसकी बैलेंस शीट कौन सी है ? जिस पर ज़िंदगी हमारे कर्मों के प्रवाह को लिखती है ?
हम ज़िंदगी की बैलेंस शीट को सब जानतें हैं। ज़िंदगी की बैलेंस शीट का नाम टाइम है। 
हम टाइम किस को कहतें हैं - पता भी है ? टाइम की परिभाषा की है ? टाइम पैदा कैसे हुआ ?
 आधियात्मिक-क्षेर्ता में  वक़्त को क्या कहतें हैं ? ज़िंदगी का सुभाव बहुत ही मज़ेदार है।
( *NOTE - इन सवालों का जवाब आने वाले एपिसोड में होगा )
ज़िंदगी ने व्यक्ति की प्रविर्ती और प्रकिर्या के अनुसार ही आगे कदम ले के जाना है। 
जैसे मेरी चाहना है कि मैंने सब संसार को hug करनी है। कैसे करूंगी? मेरा सुभाव क्या है? कौन सा मेरा स्टाइल होना चाहिए, कौन सा मेरा व्य्वहार होना चाहिए,   मेरा ऐसा कौन सा एक्शन होना चाहिए, जिस से मेरा पूरा व्यक्तित्व निखर कर आये ! यह मेरे को नहीं पता जितना मेरी चेतना को पता है। 
मेरी उमंग ही मेरे को पेश कर रही है । 
 मेरी ज़िंदगी मेरे को संसार के काबिल  बना रही है या कहो कि मेरी चेतना मेरे को काबिल बना रही है या फिर कहो कि ख़ुदा बना रहा है। जो भी कहेंगे वो ही सही है। अगर मेरे को कहना यह उचित लगा कि मैंने अपने आप को इस पोजीशन के काबिल बनाया ,तो यह भी ठीक है। यह सेंटेंस भी हमारी पर्सनालिटी को प्रगट करेगा। 
हम को मौक़ा मिलता ही, क्योंकि हम उस के क़ाबिल होतें हैं। हम गिरते इस लिए हैं कि हमारे मन की दाख़िलाअन्दाज़ी होनी शुरू हो जाती है।  जैसे  समझ बढ़ती जाती है, वैसे ही हम अपनी मंज़िल के नज़दीक होते जातें हैं।  हमारी चाहना ही हमारी कामयाबी का सबूत है कि हम इस मौक़े के काबिल थे और हम क़ामयाब  होंगे ही। 
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