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Autumn and Spring: If both make me beautiful, what part of life should I oppose

Autumn and Spring: If both make me beautiful, what part of life should I oppose
The leaves falling from the trees look as if the anxiety and tension had fallen from me. Whenever I saw the sprout growing in the trees, it felt as if my experience sprouted.

Mysterious question / रहस्यमय सवाल # One

 While walking in life, there is such a twist that life becomes a question. We wonder what to do now? This thinking also remains with us as a thought. Because when the question is not answered, we are also stuck when such a passer is not found, which tells us which side we should turn. Or we may find a sign that gives us the right path to identify.
Today is such a turning point in my life that what I see, is it right? This question stands before me like a mountain.
 Unintentional question?
'Mysterious question'
Neither read nor listen
If the sound of questions has taken birth, then surely any answer will come as a reason, it is my belief.
Whatever part of my life I make my way, it makes me walk two steps, then it becomes a question-and-a-question, making me stand up.
Whether the path is outside or inside, the work of both is exactly the same.
Today, the way out is my - Facebook, You-tube, Blogger, meeting people, doing business.
 I walk two steps, then some question comes - that makes me stand up.
The question of the inner path is very unknown - the price of which is the deepest for me.
I do not feel my body. Example: Like I am lying in the dark and cannot see my own body but we remember everything we see and we recognize. So I know that my body is like this - and the size of my body is like this.
Question ?
If I feel that I do not have body, I am just one senses, then?
second question ?
If I am a conscious, when I cannot see my body, then I cannot see any substance of the world, then can I see the stars under the roof in my own room?
If I cannot see my body, then I cannot even see the wall of the house,
 then what is visible to me, is it really space?
My life:
My life has always been looking at life from amazing experiences, so I have never been surprised with any unique questions. I have lived a long time in my life surrounded by a state of strangers.
my thinking :
Thinking is discovery, I realized this after a long time. The deeper the search - the longer it takes, then my realization of this connected me with the understanding of 'scientific theory' how space and time are equal.
Life as you think, according to Buddha's saying
My thinking, my search, my discovery sees the world with a miraculous secret, so the chain of incidents with me will be amazing again.
My reverence:
If life is a mysterious, miraculous, and unique art for me, which will always fill my every moment with impossible and unbelievable feelings, then my reverence, my dedication and my hunger can be felt by us all.
My journey:
Every person on the worldly level takes a different form of travel. Even if we all have the same destination at the spiritual level.
  Some earn money, some manage a family.
  Some adopt the path of religion and some accept death for the country.
How is our behavior passing through the road, this is a very big mile-stone, 
which will shine our life.
Negative behavior will also occur if there is an obstacle. Every Karma and Kiriya are endowed with a sense of acceptance only because of the pleasure of the path and the destination is also quickly attained.
My journey has been a romantic journey. The journey is so beautiful and good that the heart has always voiced that every living being goes through this experience of life.
Because,
 This is a path which not only enriches the personality of the person, but also frees him.
 This path gives such freedom that freedom becomes the path of love.
My wonderful questions always make me stand on the edge of the universe, from here on, the time revolves; Which fails all my journey and shows me life again from a new point.
Now from this new point:
Travel past:
My past time was my only step, which brought me here, at this point.
 This is the price for my past years.
 Present Step:
Today's amazing question is my present.
My future:
These questions are my search, 
which will speed my steps and take me 
towards the future.

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Next Chapter--->--->>


ज़िंदगी में चलते चलते कहीं पर ऐसा मोड़ आ जाता है कि ज़िंदगी ही एक सवाल बन कर खड़ी हो जाती है।  हम सोचतें हैं कि अब क्या करें ? यह सोच भी बस सोच बन कर हमारे साथ लिपटी रहती है।  क्योंकि जब तीक सवाल को जवाब नहीं मिलता, हम भी ऐसे अटक जातें हैं, जब तीक कोई ऐसा राही नहीं मिल जाता ,जो यह बता दे कि हम को किस तरफ मोड़ना चाहिए।  या हम को कोई ऐसी निशानी मिल जाए, जो हम को हमारे सही राह की पहचान दे दे। 
आज ऐसे ही मेरी ज़िंदगी की राह का एक ऐसा मोड़ है कि मैं जो देखती हूँ, क्या वो सही है ? यह मेरा सवाल मेरे आगे एक पहाड़ की तरह खड़ा है। 
 अनजाने सवाल? 
' रहस्यमय सवाल '
न कहीं पढ़े और ना ही सुने 
अगर सवालों की आहट  ने जन्म लिया है तो ज़रूर कोई न कोई जवाब तर्ज़ बन कर आएगा ही, यह मेरा भरोसा है। 
मैं ज़िंदगी के जिस हिस्से को भी अपनी राह बनाती हूँ, वो मेरे को दो कदम चलाती है फिर कोई न कोई सवालिया-चिन बन कर ,मेरे को  खड़ा कर देती है। 
राह चाहे बाहर की हो या भीतर को हो , दोनों का काम बिलकुल एक जैसा ही है। 
आज जैसे बाहर की राह है मेरी - फेसबुक, यू तुबे, ब्लॉगर, लोगों से मिलना,  बिज़नेस करना।  दो कदम चलती हूँ, फिर कोई न कोई सवाल आता है- जो मेरे को खड़ा कर देता है। 
भीतर की राह का सवाल बहुत ही अनजाना है -जिस की क़ीमत मेरे लिए सब से गहरी है। 
मेरे को मेरा जिस्म महसूस नहीं होता। उदाहरण : जैसे मैं अँधेरे में पड़ी हूँऔर खुद के जिस्म को नहीं देख सकती पर देखी हुई हर चीज़ की याद हमारे में होती है और हम को पहचान होती है।  सो मैं जानती हूँ कि मेरा जिस्म ऐसा है-और मेरे जिस्म का आकार ऐसा है। 
सवाल ?
अगर मैं यह महसूस कर रही हूँ कि कि मेरे पास जिस्म है ही नहीं ,मैं सिर्फ एक होश हूँ, तब ?
दूसरा सवाल ?
अगर मैं एक होश हूँ, जब मैं आपने जिस्म ही नहीं देख सकती तो संसार का कोई भी पदार्थ नहीं देख सकती तो क्या मैं अपनी ही कमरे में पड़ी -छत के नीचे मैं तारे देख सकती हूँ ?
अगर मैं खुद के जिस्म को नहीं देख सकती तो मैं घर की दीवार को भी नहीं देख पा रही, 
तो जो मेरे को दिखाई दे रहा है, क्या वो सच में ही स्पेस है ?
मेरा जीवन :
मेरा जीवन सदा ही अद्भुत एहसासों में से ज़िंदगी को देखता रहा है, सो ,मेरे को कभी भी किसी भी अनूठे सवालों के साथ हैरानी नहीं हुई। मैंने अजनबीपन की स्थिति से घिरी ने ही  तमाम ज़िंदगी के अरसे को जीया है।
मेरी सोच :
सोच ही खोज होती है, इस बात को मैंने बहुत देर बाद समझा।  जितनी गहरी खोज होगी- उतना ही लम्बा वक़्त लेगी तो मेरे को मेरी इस अनुभूति ने 'वैज्ञानिक-थ्योरी' की समझ के साथ जोड़ दिया कि कैसे स्पेस और टाइम बराबर हैं। 
जैसे सोच वैसे ज़िंदगी, बुद्धा के कहने के मुताबिक 
मेरी सोच ,मेरी खोज है, मेरी खोज चमत्कारी रहस्य से ही संसार को देखती है, 
तो मेरे साथ वारदातों का सिलसिला भी फिर अद्भुत होगा। 
मेरी श्रद्धा:
अगर ज़िंदगी मेरे लिए एक रहस्यमई , चमत्कारी, और अनूठी एक ऐसी कला है, जो मेरे हर पल को सदा असम्भव और अविश्वसनीय अहसासों से ही भरेगी तो मेरी श्रद्धा, मेरी लगन और मेरी भूख का अंदाज़ा 
हम सब सहजे ही लगा सकतें हैं। 
मेरी यात्रा :
सांसारिक लेवल पर हर इंसान का मक़सद अलग रूप ले के यात्रा करता है।  चाहे अधियात्मिक लेवल पर हम सब की मंज़िल एक ही है।
  किसी ने पैसा कमाना, किसी ने परिवार संभालना।
  किसी ने धर्म की राह  को अपनाना और किसी ने मुल्क के लिए मौत को कबूलना। 
राह में से गुज़रते  हमारा व्यवहार  कैसा है, यह बहुत बड़ा एक mile-stone है, जो हमारी ज़िंदगी पर रौशनी डालेगा।
रुकावट आएगी तो नेगेटिव व्यवहार भी होगा।  हर कर्मा और किर्या को सहजे ही स्वीकारता की भावना से ही राह का सुख मिलता है और मंज़िल की प्राप्ति भी जल्दी होती है।  
मेरी यात्रा एक रोमांटिक-यात्रा ही रही है। यात्रा इतनी सूंदर और अच्छी है कि सदा दिल ने आवाज़ लगाई है कि हर जीव ज़िंदगी के इस अनुभव से भी गुज़रे।  
क्योंकि,
 यह एक ऐसी राह है, जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को विराट ही नहीं करती, आज़ाद भी करती है।  
 यह राह ऐसी आज़ादी देती है कि आज़ादी प्रेम का मार्ग बन जाती है। 
मेरे अद्भुत सवाल सदा ही मेरे को ब्रह्मण्ड की उस नुकर पर खड़ा कर देतें हैं ,यहाँ पर से, फिर से वक़्त घूमता है; जो मेरी तमाम यात्रा को फेल कर देता है और मेरे को एक नए बिंदु से, फिर से ज़िंदगी को दिखाता है। 
अब इस नए बिंदु से :
बीती हुई यात्रा:
मेरा बीता वक़्त सिर्फ मेरा एक ही कदम था
जो मेरे को यहाँ, इस बिंदु पर ले के आया। 
 मेरे बीते सालों की सिर्फ यही कीमत है। 
मेरा वर्तमान :
 आज के यह अद्भुत सवाल ही मेरा वर्तमान है। 
 मेरा भविष्य:
यह सवाल मेरी खोज हैं, 
जो मेरे कदमों को गति देंगे 
और मेरे को भविष्य की ओर ले कर जाएंगे। 

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